epustakalay | Free Hindi books | Hindi PDF Books
9.56K subscribers
1.68K photos
35 videos
70 files
1.51K links
Free Hindi Books Pdf | Book in Hindi

🔰 DISCLAIMER 🔰
https://telegra.ph/DMCA-Disclosure-06-15

Contact- @VIPeBooks_bot

For advertising 👇
Buy ads: https://telega.io/c/epustakalay

Visit Site:-https://freehindipustakalya.blogspot.com/
Download Telegram
रावण और उस के भाष्य का परिचय ।
पिछली कुछ शताब्दियों से रावण एक वेदभाष्यकार के रूप में प्रसिद्ध हैं । फिट्ज ऐडवर्ड होल ने लिखा है कि कल कता से प्रकाशित ग्रहलाघव के संस्करण (पृ० ५) में मल्लारि के लेख मे इंगित होता है कि रावण ने वेद के कुछ अंशों पर भाष्य लिखा । अजमेर और ग्वालियार तथा अन्य स्थानों में उन्हें कुछ ऐसे पण्डित मिले जिन्हों ने निश्चयात्मक रूप में कहा कि उन्हों ने रावणभाष्य देखा है और उन के पास रहा भी है । इन पण्डितों के मतानुसार यह भाष्य सम्पूर्ण ऋग्वेद और यजुर्वेद पर था ।

पुस्तक का नाम/ Name of Book : Ravan Bhashya | रावण भाष्य
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : Sudhirkumar Gupt
श्रेणी / Categories : हिंदू - Hinduism,धार्मिक / Religious,
पुस्तक की भाषा / Language of Book : Hindi/Sanskrit
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 5.8 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 179

Download :- https://freehindipustakalya.blogspot.com/2021/02/ravan-bhashya-by-sudhirkumar-gupt.html
संस्कृत वाङ्मय में स्वप्न विद्या को परा विद्या का अंग माना गया है । अत: स्वप्न के माध्यम से सृष्टि के रहस्यों को जानने का प्रयास भारतीय ऋषि, मुनि और आचार्यों ने किया है । फलतः भारतीय मनीषियों की दृष्टि में स्वप्न केवल जाग्रत दृश्यों का मानसलोक पर प्रभाव का परिणाम मात्र नहीं है न तो कामज या इच्छित विकारों का प्रतिफलन मात्र है ।

पुस्तक का नाम/ Name of Book : स्वप्न-विद्या | Svapna Vidya
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : डॉ. कामेश्वर उपाध्याय |Dr. Kameshvar Upadhyay
श्रेणी / Categories : Astrology
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 67.6 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 134

Download :- https://freehindipustakalya.blogspot.com/2021/02/svapna-vidya-by-kameshwar-upadhyaya.html
किसी देश की संस्कृति उस देश के इतिहास में सन्निहित रहती है । अतएव उस देश की सभ्यता तथा सस्कृति का अनुशीलन करने के लिए हमें उसका इतिहास जानना आवश्यक है।

भारत में समय-समय पर अनेक साम्राज्य स्थापित हुए। वे उन्नति को पराकाष्ठा पर पहुंचे और अन्त मे काल के गाल में सदा के लिए विलीन हो गये। इन में कुछ ऐसे भी साम्राज्य हैं जिनका नाम केवल कथा-शेष रह गया है और जिनके अतुल वैभव तथा कला- कौशल की स्मृति वे खण्डहर दिलाते हैं जो समय के थपेडे को सहकर भी आज अपना सिर उठाये खड़े हैं। बिजयनगर का साम्राज्य इन्ही साम्राज्यों में से एक है।

पुस्तक का नाम/ Name of Book : विजयनगर- साम्राज्य का इतिहास | Vijaynagar samrajya Ka Itihas

पुस्तक के लेखक/ Author of Book : डॉ. रामप्रसादत्रिपाठी - Dr. Ramprasad Tripathi

श्रेणी / Categories : इतिहास / History,

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi

पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 10.98 MB

कुल पृष्ठ /Total Pages : 318

Download or Read Online :- https://freehindipustakalya.blogspot.com/2021/02/vijaynagar-samrajya-ka-itihas-by-dr.html