CYBER EDUCATION
3.75K subscribers
906 photos
6 videos
632 files
3.61K links
Download Telegram
​​अंतर्राष्ट्रीयमहिलादिवस: 8 मार्च
थीम 2021: "नेतृत्व में महिलाएं : covid -19 की दुनिया में एक समान भविष्य को प्राप्त करना।”

उद्देश्य :

•महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा व प्रेम को प्रकट करते हुए उनके आर्थिक, राजनीतिक तथा सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में।

महिलाओं की कोरोना काल में_भूमिका :

•COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं की भूमिका अविश्वसनीय रही। फ्रंट-लाइन यानि वैज्ञानिक, डॉक्टर व नर्स के रूप में तथा स्वास्थ्य क्षेत्र के कार्यकर्ता की भूमिका में रही महिलाओं को फिर भी पुरुष समकक्षों की तुलना में वैश्विक स्तर पर 11 प्रतिशत कम वेतन दिया गया।
•87 देशों में COVID-19 टास्क टीमों के विश्लेषण के तहत केवल 3.5 प्रतिशत देशों में ही लैंगिक समानता देखी गई थी।

•महिलाओं के नेतृत्व में अक्सर सकारात्मक परिणाम देखे जाते हैं। उदाहरणार्थ COVID-19 के दौर में सबसे कुशल व अनुकरणीय कार्यों में से कुछ का नेतृत्व महिलाओं द्वारा ही किया गया था।

•जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की पूर्ण और प्रभावी भागीदारी व नेतृत्व सभी के लिए प्रगति का सूचक है। मगर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी महिलाओं को सार्वजनिक जीवन और निर्णय लेने में कम आंका जाता है।

•22 देशों में महिलाएं राज्य या सरकार में प्रमुख पदों पर हैं, और केवल 24.9 प्रतिशत राष्ट्रीय सांसद महिलाएं हैं। वर्तमान दर से शासनाध्यक्षों के बीच इस लैंगिक असमानता को समाप्त होने में 130 साल और लग सकते हैं।

शुरुआत :

•वर्ष 1917 में रूसी महिलाओं ने मताधिकार के लिए ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ा और वोट देने का अधिकार हासिल किया था। उस समय रूस में चलने वाले जुलियन कैलेंडर के हिसाब से 23 फरवरी थी तथा ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 8 मार्च था।
•इस समय पूरी दुनिया में (रूस में भी) ग्रेगोरियन कैलैंडर चलता है इसलिए 8 मार्च के दिन को ही महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
•सर्वप्रथम इस दिवस को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में वर्ष 1909 में एक समाजवादी राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था।